Thousands attend funeral of Pulwama civilian, Bilal Ahmad Bhat

Funeral of Bilal Ahmad of Malangpora Pulwama who was allegedly injured during BSF Firing, when BSF opened fire at protesters in Pulwama yesterday. He was immediately shifted to Srinagar hospital where he breathed his last.

Amid a complete shutdown, thousands of people today participated in the funeral of a civilian Bilal Ahmad Bhat son of Abdul Ahad Bhat resident of Padgampora, who was killed in security fores firining at Malangpora area on Tuesday evening. Photo Bilal Habib Sachnews Jammu Kashmir

Download the U4UVoice App Now:

22 thoughts on “Thousands attend funeral of Pulwama civilian, Bilal Ahmad Bhat

  • August 12, 2015 at 8:52 am
    Permalink

    bad consequence of kashmir situation..These things should be avoided by army at any costs..It hurts the image of Indian and army..May God give strenth to his family..!!

    Reply
  • August 12, 2015 at 9:04 am
    Permalink

    na jukny waaly kashmiri na darny waly kashmiri kashmir banyga pakisan our mit k rahyga hindostan

    Reply
  • August 12, 2015 at 9:19 am
    Permalink

    Allah ap ko jannat ul firdous aata karay, ap k ghar walu ko sabray jameel atta karay.

    Reply
  • August 12, 2015 at 9:46 am
    Permalink

    Or lo army sa panga …..his parents should stop him from doing so

    Reply
  • August 12, 2015 at 9:59 am
    Permalink

    अब वो नस्ल है बदल चुकी,
    जब फिर से हिन्दू छला जाये,
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।”

    “हम त्याग चुके वह मानवता,
    जो कायरता कहलाती थी ,”
    “कोई तिलक लगाता था तो,
    वह कट्टरता समझी जाती थी…..”
    नियम ना माने जो घर के,
    वो लेकर सामान चला जाये ,”
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    सर्व धर्म समभाव के बदले,
    भारत का अपमान नहीं होगा ,”
    “माता को डायन कहने वालों का,
    अब सम्मान नहीं होगा…..”
    जबतक चुप बैठे हैं,…..
    वो बचाकर अपनी जान चला जाये ।”
    जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    “जो जाति, धर्म, मज़हब का रोना,
    छाती पीटकर रोते हैं ,”
    आंतकियों के मरने पर उनकी,
    मय्यत में शामिल होते हैं…..”
    खून खौलता है सबका,
    कबतक हाथों को मला जाये ।”
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    “कुछ लोग देश में गद्दारों को भी
    साहब और जी कहते हैं ,”
    जयचन्दों से है इतिहास भरा,
    ये हर युग में ही रहते हैं…..”
    “हमदर्द हो जो गद्दारों का,
    वो खुद शमशान चला जाये ।”
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    “हर मज़हब को अपनाया
    हर धर्म को हमने शरण दी हैं ,”
    “इस उदारवाद ने ही केवल,
    मर्यादा अपनी हरण की हैं….”
    “ऐसा दानी क्या कि खुद का,
    नामोनिशान चला जाये ।”
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    “राष्ट्र की बलिबेदी पर जो भी
    कुर्बान हुआ वो तरा ही है ,”
    “जिसे धर्म धरा पर गर्व नहीं ,
    वह जीवित हो भी तो मरा ही है .”
    “वीर सुभाष , भगत सिंह का
    व्यर्थ ना बलिदान चला जाये ।”
    जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    “शान्ति-शान्ति करते-करते
    कितना नुकसान करा बैठें हैं ,”
    “हम जिनको भाई कहते हैं,
    वो कब से लेके छुरा बैठें हैं…..”
    “कही इतनी देर ना हो जाये कि,
    सब सम्मान चला जाये ।”
    “जिसको भारत स्वीकार नहीं,
    वो पाकिस्तान चला जाये ।।”

    वंदे मातरम्। जय हिन्द। जय भारत।

    Reply
  • August 12, 2015 at 10:42 am
    Permalink

    “Be not afraid of life. Believe that life is worth living, and your belief will help create the fact.”

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *